Posts

Showing posts with the label या किसी अन्य कारण

बाघ का सामना होने पर क्या करें? — मिथक, विज्ञान और जागरूकताभाग–2: विज्ञान, मानव मनोविज्ञान और जिम्मेदार वन्यजीव सुरक्षालोग ऐसे मिथकों पर विश्वास क्यों करते हैं?प्राचीन समय से लोग चमत्कारिक रूप से बचने की कहानियाँ सुनते आए हैं। जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोककथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती रही हैं। समय के साथ इनमें से कुछ कथाएँ बिना वैज्ञानिक प्रमाण के भी सच मानी जाने लगती हैं।मान लीजिए कि कोई व्यक्ति बाघ के सामने बिल्कुल स्थिर रहने के बाद बच गया। इसका यह अर्थ नहीं है कि स्थिर रहना ही उसके बचने का कारण था। हो सकता है कि बाघ का हमला करने का इरादा ही न हो, वह किसी अन्य दिशा में चला गया हो, या किसी अन्य कारण से उसने हमला न किया हो।

Image
बाघ का सामना होने पर क्या करें? — मिथक, विज्ञान और जागरूकता भाग–2: विज्ञान, मानव मनोविज्ञान और जिम्मेदार वन्यजीव सुरक्षा लोग ऐसे मिथकों पर विश्वास क्यों करते हैं? प्राचीन समय से लोग चमत्कारिक रूप से बचने की कहानियाँ सुनते आए हैं। जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोककथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती रही हैं। समय के साथ इनमें से कुछ कथाएँ बिना वैज्ञानिक प्रमाण के भी सच मानी जाने लगती हैं। मान लीजिए कि कोई व्यक्ति बाघ के सामने बिल्कुल स्थिर रहने के बाद बच गया। इसका यह अर्थ नहीं है कि स्थिर रहना ही उसके बचने का कारण था। हो सकता है कि बाघ का हमला करने का इरादा ही न हो, वह किसी अन्य दिशा में चला गया हो, या किसी अन्य कारण से उसने हमला न किया हो। विज्ञान में इसे संयोग (Coincidence) और कारण-परिणाम संबंध (Causation) के बीच का अंतर कहा जाता है। केवल किसी घटना के घट जाने से यह सिद्ध नहीं होता कि वही उसका कारण था। भय के समय मानव मन कैसे कार्य करता है? जंगल में अचानक बाघ का सामना होना किसी भी व्यक्ति के जीवन का अत्यंत भयावह अनुभव हो सकता है। ऐसी स्थिति में शरीर और मस्तिष्क स्वाभाविक रूप ...