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विलियम शेक्सपियर के सॉनेट 73 और सॉनेट 145: प्रेम, समय और मानव जीवन की शाश्वत यात्रा (भाग–2)शेक्सपियर के सॉनेटों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिविलियम शेक्सपियर ने अपने अधिकांश सॉनेट सोलहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध और सत्रहवीं शताब्दी के प्रारंभ में, अर्थात् एलिज़ाबेथीय युग के दौरान लिखे। यह काल अंग्रेज़ी साहित्य, रंगमंच, कला, दर्शन और बौद्धिक विकास का स्वर्णिम युग माना जाता है।उस समय सॉनेट कविता की एक अत्यंत प्रतिष्ठित विधा थी। अनेक कवि प्रेम और सौंदर्य की प्रशंसा तक सीमित रहे, लेकिन शेक्सपियर ने इस काव्य रूप को कहीं अधिक व्यापक बना दिया। उन्होंने समय, स्मृति, मित्रता, वृद्धावस्था, मृत्यु और मानव जीवन के गहरे अर्थों को अपने सॉनेटों में स्थान दिया।इसी कारण उनकी रचनाएँ केवल अपने युग तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आज भी विश्वभर के पाठकों को प्रेरित करती हैं।

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Writing विलियम शेक्सपियर के सॉनेट 73 और सॉनेट 145: प्रेम, समय और मानव जीवन की शाश्वत यात्रा (भाग–2) शेक्सपियर के सॉनेटों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि विलियम शेक्सपियर ने अपने अधिकांश सॉनेट सोलहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध और सत्रहवीं शताब्दी के प्रारंभ में, अर्थात् एलिज़ाबेथीय युग के दौरान लिखे। यह काल अंग्रेज़ी साहित्य, रंगमंच, कला, दर्शन और बौद्धिक विकास का स्वर्णिम युग माना जाता है। उस समय सॉनेट कविता की एक अत्यंत प्रतिष्ठित विधा थी। अनेक कवि प्रेम और सौंदर्य की प्रशंसा तक सीमित रहे, लेकिन शेक्सपियर ने इस काव्य रूप को कहीं अधिक व्यापक बना दिया। उन्होंने समय, स्मृति, मित्रता, वृद्धावस्था, मृत्यु और मानव जीवन के गहरे अर्थों को अपने सॉनेटों में स्थान दिया। इसी कारण उनकी रचनाएँ केवल अपने युग तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आज भी विश्वभर के पाठकों को प्रेरित करती हैं। शेक्सपियरीय सॉनेट की संरचना एक शेक्सपियरीय सॉनेट में कुल 14 पंक्तियाँ होती हैं और यह सामान्यतः आयैम्बिक पेंटामीटर (Iambic Pentameter) में लिखा जाता है। इसका तुकांत क्रम इस प्रकार होता है— ABAB CDCD EFEF GG इस संरचना में कवि पहले...