नीचे हिंदी संस्करण – भाग 2 प्रस्तुत है।Writingइस्वातिनी: भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, इतिहास और धर्मभाग–2 : इतिहास और राजनीतिक व्यवस्थाइस्वातिनी का प्रारम्भिक इतिहासइस्वातिनी का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है। आधुनिक राष्ट्र बनने से पहले दक्षिणी अफ्रीका के इस क्षेत्र में विभिन्न बंटू-भाषी समुदाय निवास करते थे। समय के साथ इन समुदायों ने उपजाऊ घाटियों और पहाड़ी क्षेत्रों में बसकर कृषि, पशुपालन तथा संगठित सामाजिक जीवन का विकास किया।स्वाज़ी समाज की नींव परिवार, समुदाय, बुज़ुर्गों के सम्मान और पारस्परिक सहयोग पर आधारित रही है। आज भी ये मूल्य इस्वातिनी के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।स्वाज़ी साम्राज्य का गठन
नीचे हिंदी संस्करण – भाग 2 प्रस्तुत है। Writing इस्वातिनी: भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, इतिहास और धर्म भाग–2 : इतिहास और राजनीतिक व्यवस्था इस्वातिनी का प्रारम्भिक इतिहास इस्वातिनी का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है। आधुनिक राष्ट्र बनने से पहले दक्षिणी अफ्रीका के इस क्षेत्र में विभिन्न बंटू-भाषी समुदाय निवास करते थे। समय के साथ इन समुदायों ने उपजाऊ घाटियों और पहाड़ी क्षेत्रों में बसकर कृषि, पशुपालन तथा संगठित सामाजिक जीवन का विकास किया। स्वाज़ी समाज की नींव परिवार, समुदाय, बुज़ुर्गों के सम्मान और पारस्परिक सहयोग पर आधारित रही है। आज भी ये मूल्य इस्वातिनी के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। स्वाज़ी साम्राज्य का गठन अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान आधुनिक स्वाज़ी राज्य का निर्माण हुआ। इस काल के प्रमुख शासकों में राजा सोभूज़ा प्रथम (King Sobhuza I) का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने विभिन्न क़बीलों को संगठित कर एक मजबूत राज्य की नींव रखी। बाद में राजा मस्वाती द्वितीय (King Mswati II) ने राज्य का विस्तार किया और अनेक समुदायों को एकजुट किया। उनके सम्मान में ही देश का नाम...