दिल की गहराई से धर्म प्रेमबनामउन्मादी (मजनू-सदृश) आसक्तिभाग 2 – “धर्म” का व्यापक अर्थमेटा विवरण (Meta Description)इस भाग में “धर्म” शब्द को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे विचारधारा, ज्ञान, सिद्धांत, व्यक्तित्व और विरोधी मत रखने वाले व्यक्ति के प्रति हमारे व्यवहार के रूप में भी समझाया गया है।⚠️ डिस्क्लेमरयह लेख शैक्षिक और दार्शनिक चिंतन के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की आलोचना करना नहीं है। यहाँ “धर्म” शब्द का प्रयोग व्यापक अर्थ में किया गया है—जिसमें विचारधारा, ज्ञान, सिद्धांत और मतभेद रखने वाले व्यक्ति के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी शामिल है।प्रस्तावना: क्या धर्म केवल पूजा-पाठ है?पहले भाग में हमने चर्चा की—दिल से धर्म प्रेमऔर असंतुलित, उन्मादी धर्म प्रेमअब इस दूसरे भाग में हम और गहराई से समझेंगे कि “धर्म” केवल मंदिर, मस्जिद, चर्च या पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है।
दिल की गहराई से धर्म प्रेम बनाम उन्मादी (मजनू-सदृश) आसक्ति भाग 2 – “धर्म” का व्यापक अर्थ मेटा विवरण (Meta Description) इस भाग में “धर्म” शब्द को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे विचारधारा, ज्ञान, सिद्धांत, व्यक्तित्व और विरोधी मत रखने वाले व्यक्ति के प्रति हमारे व्यवहार के रूप में भी समझाया गया है। ⚠️ डिस्क्लेमर यह लेख शैक्षिक और दार्शनिक चिंतन के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की आलोचना करना नहीं है। यहाँ “धर्म” शब्द का प्रयोग व्यापक अर्थ में किया गया है—जिसमें विचारधारा, ज्ञान, सिद्धांत और मतभेद रखने वाले व्यक्ति के प्रति हमारा दृष्टिकोण भी शामिल है। प्रस्तावना: क्या धर्म केवल पूजा-पाठ है? पहले भाग में हमने चर्चा की— दिल से धर्म प्रेम और असंतुलित, उन्मादी धर्म प्रेम अब इस दूसरे भाग में हम और गहराई से समझेंगे कि “धर्म” केवल मंदिर, मस्जिद, चर्च या पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है। “धर्म” का अर्थ हो सकता है— आपका विश्वास आपकी विचारधारा आपका राजनीतिक मत आपके नैतिक सिद्धांत आपका ज्ञान आपका पेशा यहाँ तक कि आपकी निजी राय ...