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क्या शहद की मालिश, विटामिन-D और पति के साथ बाहरी शारीरिक निकटता से स्तन कैंसर ठीक हो सकता है?भाग 2: गलत जानकारी के खतरे, नैतिक जिम्मेदारी और सही मार्गकैंसर से जुड़ी गलत जानकारी का छिपा हुआ खतराकैंसर के बारे में गलत जानकारी केवल भ्रम नहीं है—यह जानलेवा भी हो सकती है।जब लोग यह मान लेते हैं कि स्तन कैंसर केवल शहद की मालिश, विटामिन या शारीरिक निकटता से ठीक हो सकता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:सही समय पर जांच नहीं होतीचिकित्सा उपचार में देरी होती हैबीमारी गंभीर अवस्था में पहुँच जाती हैजीवन बचने की संभावना कम हो जाती है

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क्या शहद की मालिश, विटामिन-D और पति के साथ बाहरी शारीरिक निकटता से स्तन कैंसर ठीक हो सकता है? भाग 2: गलत जानकारी के खतरे, नैतिक जिम्मेदारी और सही मार्ग कैंसर से जुड़ी गलत जानकारी का छिपा हुआ खतरा कैंसर के बारे में गलत जानकारी केवल भ्रम नहीं है—यह जानलेवा भी हो सकती है। जब लोग यह मान लेते हैं कि स्तन कैंसर केवल शहद की मालिश, विटामिन या शारीरिक निकटता से ठीक हो सकता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं: सही समय पर जांच नहीं होती चिकित्सा उपचार में देरी होती है बीमारी गंभीर अवस्था में पहुँच जाती है जीवन बचने की संभावना कम हो जाती है जबकि शुरुआती चरण में स्तन कैंसर का इलाज काफी हद तक संभव होता है। लोग “प्राकृतिक इलाज” पर क्यों भरोसा करते हैं? ऐसी धारणाएँ इसलिए फैलती हैं क्योंकि वे डर और उम्मीद—दोनों को छूती हैं। मुख्य कारण: सर्जरी या कीमोथेरेपी का डर बिना दर्द के समाधान की चाह सोशल मीडिया पर अप्रमाणित जानकारी बीमारी के बाद भावनात्मक कमजोरी परंपरा या अधूरी धार्मिक व्याख्या उम्मीद अच्छी बात है, लेकिन गलत उम्मीद खतरनाक हो सकती है। भावनात्मक सहयोग बनाम चिकित्सा उपचार (दोनों में अंत...