Bank Nifty यदि 60,000 से नीचे रहता है, तो 59,500 तक जा सकता हैएक शांत तकनीकी और मनोवैज्ञानिक विश्लेषणपरिचयशेयर बाजार भावनाओं पर नहीं,बल्कि स्तरों, संरचना और सामूहिक मानसिकता पर चलता है।इन दिनों ट्रेडर्स के बीच एक महत्वपूर्ण विचार चर्चा में है—“यदि Bank Nifty 60,000 के नीचे बना रहता है, तो यह 59,500 तक जा सकता है।”यह कोई भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि एक शर्त-आधारित तकनीकी दृष्टिकोण है। इस ब्लॉग का उद्देश्य डर फैलाना नहीं, बल्कि इस विचार के पीछे के तर्कों को शांत और स्पष्ट रूप से समझाना है।Bank Nifty और बाजार की मानसिकताBank Nifty भारत के प्रमुख बैंकिंग शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है।क्योंकि बैंकिंग सेक्टर अर्थव्यवस्था की रीढ़ है,
Bank Nifty यदि 60,000 से नीचे रहता है, तो 59,500 तक जा सकता है एक शांत तकनीकी और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण परिचय शेयर बाजार भावनाओं पर नहीं, बल्कि स्तरों, संरचना और सामूहिक मानसिकता पर चलता है। इन दिनों ट्रेडर्स के बीच एक महत्वपूर्ण विचार चर्चा में है— “यदि Bank Nifty 60,000 के नीचे बना रहता है, तो यह 59,500 तक जा सकता है।” यह कोई भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि एक शर्त-आधारित तकनीकी दृष्टिकोण है। इस ब्लॉग का उद्देश्य डर फैलाना नहीं, बल्कि इस विचार के पीछे के तर्कों को शांत और स्पष्ट रूप से समझाना है। Bank Nifty और बाजार की मानसिकता Bank Nifty भारत के प्रमुख बैंकिंग शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है। क्योंकि बैंकिंग सेक्टर अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए यह इंडेक्स अक्सर— लिक्विडिटी की स्थिति ब्याज दरों की उम्मीद बड़े निवेशकों की गतिविधि बाजार की जोखिम लेने की क्षमता को दर्शाता है। इसी कारण Bank Nifty के मुख्य स्तर अत्यंत संवेदनशील होते हैं। 60,000 क्यों एक महत्वपूर्ण स्तर है 60,000 केवल एक संख्या नहीं है। यह— एक मनोवैज्ञानिक रेजिस्टेंस पहले का सप्लाई ज़ोन ऑप्शन मार्केट में भारी ओपन इंटर...