क्या दो भाइयों का डीएनए अलग होना इस बात का प्रमाण है कि वे एक ही पिता की संतान नहीं हैं?विज्ञान, सच्चाई, भ्रम और मानवीय दृष्टिकोणभूमिकाआज डीएनए (DNA) शब्द केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहा।टीवी, सोशल मीडिया और घरेलू डीएनए टेस्ट किट्स के कारण लोग अक्सर बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकाल लेते हैं।ऐसा ही एक आम कथन है—“अगर दो भाइयों का डीएनए एक जैसा नहीं है, तो वे एक ही पिता की संतान नहीं हो सकते।”यह बात सुनने में तर्कसंगत लग सकती है,लेकिन विज्ञान के अनुसार यह कथन गलत है।इस ब्लॉग का उद्देश्य है—
क्या दो भाइयों का डीएनए अलग होना इस बात का प्रमाण है कि वे एक ही पिता की संतान नहीं हैं? विज्ञान, सच्चाई, भ्रम और मानवीय दृष्टिकोण भूमिका आज डीएनए (DNA) शब्द केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहा। टीवी, सोशल मीडिया और घरेलू डीएनए टेस्ट किट्स के कारण लोग अक्सर बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकाल लेते हैं। ऐसा ही एक आम कथन है— “अगर दो भाइयों का डीएनए एक जैसा नहीं है, तो वे एक ही पिता की संतान नहीं हो सकते।” यह बात सुनने में तर्कसंगत लग सकती है, लेकिन विज्ञान के अनुसार यह कथन गलत है। इस ब्लॉग का उद्देश्य है— डीएनए को सरल भाषा में समझाना भाइयों के डीएनए में अंतर क्यों होता है, यह बताना किन परिस्थितियों में वास्तव में जांच ज़रूरी होती है और गलत व्याख्या से होने वाले भावनात्मक नुकसान को उजागर करना डीएनए क्या है? (सरल शब्दों में) डीएनए हमारे शरीर में मौजूद जैविक निर्देशों की किताब है। यह तय करता है— चेहरा और कद-काठी त्वचा का रंग रक्त समूह कुछ बीमारियों की संभावना हर व्यक्ति को मिलता है— 50% डीएनए माँ से 50% डीएनए पिता से ⚠️ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है— 👉 हर बच्चे को मिलने वाला 50% डी...