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क्या हकीम ख़ान सूरी और उनके साथी “आतंकवादी” थे?👉 आधुनिक शब्दों से इतिहास को परखना क्यों गलत है?**क्या महाराणा प्रताप के साथ युद्ध करने वाले सूरी मुसलमान ‘जिहादी’ या ‘आतंकवादी’ थे?इतिहास, स्मृति और आधुनिक लेबलिंग की एक गंभीर पड़ताल (भाग–2)**6. ‘आतंकवादी’ शब्द का ऐतिहासिक परीक्षणआज के समय में “आतंकवादी” (Terrorist) शब्द का प्रयोग बहुत आसानी से कर दिया जाता है

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👉 क्या हकीम ख़ान सूरी और उनके साथी “आतंकवादी” थे? 👉 आधुनिक शब्दों से इतिहास को परखना क्यों गलत है? **क्या महाराणा प्रताप के साथ युद्ध करने वाले सूरी मुसलमान ‘जिहादी’ या ‘आतंकवादी’ थे? इतिहास, स्मृति और आधुनिक लेबलिंग की एक गंभीर पड़ताल (भाग–2)** 6. ‘आतंकवादी’ शब्द का ऐतिहासिक परीक्षण आज के समय में “आतंकवादी” (Terrorist) शब्द का प्रयोग बहुत आसानी से कर दिया जाता है। लेकिन इतिहास में किसी व्यक्ति या समूह को इस शब्द से जोड़ने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि— आधुनिक अर्थ में आतंकवाद क्या है? आधुनिक राजनीतिक और कानूनी परिभाषाओं के अनुसार आतंकवाद का अर्थ है— जानबूझकर निरपराध नागरिकों पर हमला समाज में डर और दहशत फैलाना हिंसा को एक विचारधारा या धार्मिक उग्रता के रूप में इस्तेमाल करना जनता को निशाना बनाकर सत्ता या दबाव बनाना अब प्रश्न यह है— 👉 क्या हकीम ख़ान सूरी या उनके सैनिकों ने ऐसा कुछ किया? उत्तर है— नहीं। 7. हकीम ख़ान सूरी ने किस प्रकार युद्ध किया इतिहास बताता है कि हकीम ख़ान सूरी— एक खुले युद्धक्षेत्र में लड़े एक संगठित राज्य की सेना के विरुद्ध लड़े युद्ध के स्पष्ट नियमों और...