भाग 7 समाप्त)अगर आप चाहें, अगला भाग मैं लिख सकता हूँ:भाग 8: परिवार अक्सर क्या भूल जाते हैंभाग 9: गरिमा — अंतिम चुनावया अंतिम समापन अध्यायबस अगला अंक बताइए।
नीचे आपकी कहानी का हिंदी संस्करण – भाग 7 (Part 7) प्रस्तुत है। यह पहले के सभी भागों का स्वाभाविक क्रम है और उसी शांत, गंभीर, प्रकाशन-योग्य शैली में लिखा गया है। जब क़ानून स्पष्ट हो, लेकिन दिल टूट जाए भाग 7: विरासत के बिना सफलता की नई परिभाषा जब सफलता की पुरानी कसौटी टूट जाती है कई परिवारों में सफलता को चुपचाप इस बात से मापा जाता है कि किसे क्या विरासत में मिला। ज़मीन, मकान, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक हैसियत— यही सफलता की पारंपरिक पहचान बन जाती है। लेकिन जब विरासत नहीं मिलती, तो यह पूरी कसौटी ही बेकार हो जाती है। पहले यह एक कमी लगती है। फिर यह एक सवाल बनती है— अगर मुझे सफलता विरासत में नहीं मिली, तो मैं उसे कैसे परिभाषित करूँ? पाने के बजाय बनाना सीखना जिन्हें विरासत मिलती है, वे एक तैयार मंच से शुरुआत करते हैं। जिन्हें नहीं मिलती, उन्हें पहले मंच बनाना पड़ता है— फिर उस पर खड़ा होना पड़ता है। इस फर्क से सोच बदल जाती है। आप सीखते हैं— दिखावे से ज़्यादा स्थिरता की क़द्र तेज़ी से ज़्यादा टिकाऊपन आज से ज़्यादा कल की तैयारी यह विकास अचानक नहीं होता, लेकिन गहरा होता है। सफलता अब प्र...