Posts

Showing posts with the label भीतर से शुरू होता है।जो मुझे खींच रहा था

जो स्वर मुझे बुलाए, जो आवाज़ मुझे रोक देउपसंहार: जहाँ रहस्य शिक्षा बन जाता हैब्लॉग – भाग 14 (समापन की ओर)पहचान का क्षणएक समय के बादसवाल बदल जाता है।पहले पूछा था—तुम कौन हो?अब प्रश्न है—मैं कौन बन रहा हूँ?क्योंकि उस रात के बादमैंने जाना—आकर्षण बाहर से नहीं,भीतर से शुरू होता है।जो मुझे खींच रहा था,

Image
जो स्वर मुझे बुलाए, जो आवाज़ मुझे रोक दे उपसंहार: जहाँ रहस्य शिक्षा बन जाता है ब्लॉग – भाग 14 (समापन की ओर) पहचान का क्षण एक समय के बाद सवाल बदल जाता है। पहले पूछा था— तुम कौन हो? अब प्रश्न है— मैं कौन बन रहा हूँ? क्योंकि उस रात के बाद मैंने जाना— आकर्षण बाहर से नहीं, भीतर से शुरू होता है। जो मुझे खींच रहा था, वह तुम नहीं थीं— वह मेरी अपनी अधूरी चाह थी। और जैसे ही यह समझ आया, भय ने आकार खो दिया। चयन: सबसे शांत निर्णय जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णय कभी शोर नहीं करते। वे भीतर धीरे से टिक जाते हैं। मैंने चयन किया— किसी ध्वनि के पीछे नहीं, अपनी चेतना के साथ चलने का। यह चयन त्याग नहीं था। यह सम्मान था— अपने लिए। ब्लॉग – भाग 15 मुक्ति: रहस्य को छोड़ देना रहस्य को पकड़े रखना थका देता है। मुक्ति आती है उसे छोड़ देने से। मैंने उस रात को किसी निष्कर्ष में नहीं बाँधा। मैंने उसे एक अनुभव की तरह रहने दिया। जब हम हर प्रश्न का उत्तर खोजते हैं, हम जीवन से आगे निकल जाते हैं। और जब हम कुछ प्रश्नों को अपने साथ चलने देते हैं— हम जीवन के साथ चलने लगते हैं। भूत का अंत भूत तब तक रहता है जब तक हम ...