PART 2/4 — हिंदी🌪️ क्यों लोग समझते हैं कि कांपने से लंबाई बढ़ रही है?👉 कारण नंबर 1: प्रयास का एहसासजब शरीर कांपता है, तो लगता है कि:अंदर कुछ बड़ा हो रहा हैशरीर “बन” रहा हैमेहनत रंग लाएगीलेकिन मेहनत ≠ परिणामजब तक मेहनत सही दिशा में न हो।👉 कारण नंबर 2: पोश्चर (Posture) का सुधारकई लोग पहले ही:झुककर चलते हैंकंधे आगे कर लेते हैंगर्दन नीचे रखते हैंइस व्यायाम से जब वो सीधा खड़ा होना सीखते हैं— तो लगता है कि:“मैं लंबा हो गया”असल में: आप वैसे खड़े हुए जैसे आपकी हड्डियाँ पहले से थीं।
📌 PART 2/4 — हिंदी 🌪️ क्यों लोग समझते हैं कि कांपने से लंबाई बढ़ रही है? 👉 कारण नंबर 1: प्रयास का एहसास जब शरीर कांपता है, तो लगता है कि: अंदर कुछ बड़ा हो रहा है शरीर “बन” रहा है मेहनत रंग लाएगी लेकिन मेहनत ≠ परिणाम जब तक मेहनत सही दिशा में न हो। 👉 कारण नंबर 2: पोश्चर (Posture) का सुधार कई लोग पहले ही: झुककर चलते हैं कंधे आगे कर लेते हैं गर्दन नीचे रखते हैं इस व्यायाम से जब वो सीधा खड़ा होना सीखते हैं— तो लगता है कि: “मैं लंबा हो गया” असल में: आप वैसे खड़े हुए जैसे आपकी हड्डियाँ पहले से थीं। 👉 कारण नंबर 3: गुरुत्वाकर्षण (Gravity) का प्रभाव दिनभर में हमारी रीढ़ की हड्डी दबती है, इसलिए: सुबह लंबाई ज़्यादा रात में थोड़ी कम जब कोई कोर और बैक एक्टिवेट करता है, तो यह दबाव थोड़ा कम होता है → लोग समझते हैं: “मेरी लंबाई बढ़ी” पर यह हड्डी की वृद्धि नहीं, बल्कि spinal decompression है — अस्थायी। 🧠 THE PLACEBO EFFECT कई बार लोग: विश्वास के कारण उम्मीद के कारण डर के कारण कल्पना में परिणाम महसूस कर लेते हैं। यह मनोवैज्ञानिक शक्ति है, लेकिन वैज्ञानिक प्रमाण नहीं। दिमाग सोचता है शरीर...