क्या रात में छींकना और ड्रिल एक्सरसाइज़निपाह वायरस से लड़ने के लिए ज़रूरी है?सच्चाई, मिथक और वैज्ञानिक तथ्यभूमिका (Introduction)जब भी कोई घातक बीमारी फैलती है, तब डर के साथ-साथ अफवाहें और घरेलू नुस्खे भी फैलने लगते हैं। निपाह वायरस के संदर्भ में भी ऐसा ही एक दावा सामने आया—“रात में छींकना और ड्रिल एक्सरसाइज़ करना निपाह वायरस से लड़ने के लिए ज़रूरी है।”यह बात सुनने में आसान और भरोसेमंद लग सकती है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान भावनाओं पर नहीं, प्रमाणों पर चलता है।यह लेख इसी दावे की पूरी सच्चाई को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से स्पष्ट करता है।सीधा और स्पष्ट उत्तरनहीं। यह दावा पूरी तरह गलत है।छींकने से निपाह वायरस शरीर से बाहर नहीं निकलताड्रिल एक्सरसाइज़ वायरस को नष्ट नहीं
क्या रात में छींकना और ड्रिल एक्सरसाइज़ निपाह वायरस से लड़ने के लिए ज़रूरी है? सच्चाई, मिथक और वैज्ञानिक तथ्य भूमिका (Introduction) जब भी कोई घातक बीमारी फैलती है, तब डर के साथ-साथ अफवाहें और घरेलू नुस्खे भी फैलने लगते हैं। निपाह वायरस के संदर्भ में भी ऐसा ही एक दावा सामने आया— “रात में छींकना और ड्रिल एक्सरसाइज़ करना निपाह वायरस से लड़ने के लिए ज़रूरी है।” यह बात सुनने में आसान और भरोसेमंद लग सकती है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान भावनाओं पर नहीं, प्रमाणों पर चलता है। यह लेख इसी दावे की पूरी सच्चाई को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से स्पष्ट करता है। सीधा और स्पष्ट उत्तर नहीं। यह दावा पूरी तरह गलत है। छींकने से निपाह वायरस शरीर से बाहर नहीं निकलता ड्रिल एक्सरसाइज़ वायरस को नष्ट नहीं करती रात के समय का कोई विशेष शारीरिक अभ्यास वायरस नहीं मारता ऐसी मान्यताएँ इलाज में देरी करा सकती हैं, जो जानलेवा हो सकती है निपाह वायरस क्या है? निपाह वायरस एक अत्यंत घातक ज़ूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। मुख्य तथ्य प्राकृतिक वाहक: फल खाने वाले चमगादड़ इंसान से इंसान में भी फैल सकता है दिम...