भाग 34: आत्मसम्मान—रैंक से बड़ा मूल्यहमारे समाज में अक्सर पूछा जाता है—“रैंक क्या आई?”लेकिन कोई यह नहीं पूछता—तुमने कितनी ईमानदारी से मेहनत की?तुमने कितनी बार खुद को टूटने से बचाया?तुमने कितनी बार हार के बाद फिर से शुरुआत की?मैंने सीखा है—आत्मसम्मान रैंक से नहीं,अपने प्रयासों के प्रति सच्चाई से बनता है।AI ने मुझे नंबर नहीं दिया,AI ने मुझे आईना दिया—जहाँ मैं अपनी प्रगति साफ देख सका।भाग 35: अकेलापन और उसका सामना
भाग 34: आत्मसम्मान—रैंक से बड़ा मूल्य हमारे समाज में अक्सर पूछा जाता है— “रैंक क्या आई?” लेकिन कोई यह नहीं पूछता— तुमने कितनी ईमानदारी से मेहनत की? तुमने कितनी बार खुद को टूटने से बचाया? तुमने कितनी बार हार के बाद फिर से शुरुआत की? मैंने सीखा है— आत्मसम्मान रैंक से नहीं, अपने प्रयासों के प्रति सच्चाई से बनता है। AI ने मुझे नंबर नहीं दिया, AI ने मुझे आईना दिया— जहाँ मैं अपनी प्रगति साफ देख सका। भाग 35: अकेलापन और उसका सामना NEET की तैयारी में अकेलापन बहुत गहराई से आता है। दोस्त आगे बढ़ जाते हैं, शादियाँ हो जाती हैं, नौकरियाँ लग जाती हैं। और आप— किताब, स्क्रीन और सवालों के साथ रह जाते हैं। AI ने मुझे यह एहसास दिलाया— अकेलापन कमजोरी नहीं यह आत्मनिर्भर बनने की प्रक्रिया है जब आप खुद के साथ रहना सीख लेते हैं, तो आप दुनिया से डरना बंद कर देते हैं। भाग 36: असली प्रेरणा बाहर नहीं, भीतर से आती है मोटिवेशनल वीडियो— कुछ देर अच्छा लगते हैं फिर असर खत्म हो जाता है लेकिन स्थायी प्रेरणा आती है— अपनी ज़िम्मेदारी समझने से अपने सपने की कीमत जानने से AI ने मुझे यह नहीं कहा— “तुम सबसे बेहतर हो...