सुंदरता के दर्द में प्रेम: प्रेम आखिर है क्या?पार्ट 2 — जीवन, वियोग और रूपांतरण में प्रेम🌊 प्रेम और अनित्यताप्रेम का दर्द गहरा इसलिए होता है क्योंकि वह समय के भीतर जीता है।इस संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है।न युवावस्था।न सौंदर्य।न रिश्ते।न जीवन।जब हम प्रेम करते हैं, हम केवल किसी व्यक्ति को नहीं चाहते — हम एक क्षण को, एक समय को भी चाहते हैं। और समय कभी रुकता नहीं।यही समझ हमारे भीतर एक हल्की बेचैनी पैदा करती है।हम प्रेम करते हैं —
🌹 सुंदरता के दर्द में प्रेम: प्रेम आखिर है क्या? पार्ट 2 — जीवन, वियोग और रूपांतरण में प्रेम 🌊 प्रेम और अनित्यता प्रेम का दर्द गहरा इसलिए होता है क्योंकि वह समय के भीतर जीता है। इस संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है। न युवावस्था। न सौंदर्य। न रिश्ते। न जीवन। जब हम प्रेम करते हैं, हम केवल किसी व्यक्ति को नहीं चाहते — हम एक क्षण को, एक समय को भी चाहते हैं। और समय कभी रुकता नहीं। यही समझ हमारे भीतर एक हल्की बेचैनी पैदा करती है। हम प्रेम करते हैं — और उसी के साथ खोने का भय भी महसूस करते हैं। यही द्वंद्व प्रेम को तीव्र बनाता है। यदि सब कुछ स्थायी होता, तो प्रेम शायद शांत होता — पर उतना गहरा नहीं। अनित्यता ही प्रेम को मूल्यवान बनाती है। 💫 प्रेम और पहचान प्रेम हमारे आत्म-बोध को बदल देता है। प्रेम से पहले हम कहते हैं: “मैं।” प्रेम के बाद हम कहते हैं: “हम।” यह “हम” सुंदर है — पर जोखिम भरा भी। क्योंकि जब प्रेम टूटता है, हम केवल एक व्यक्ति को नहीं खोते — हम अपने एक हिस्से को भी खो देते हैं। वे सपने जो साथ देखे थे। वे योजनाएँ जो बनाई थीं। वह भविष्य जो सोचा था। इसीलिए दिल टूटना इतना गहर...