यदि कोई व्यक्ति अपने आत्मविश्वास, अपने लक्ष्य और अपने मार्ग पर दृढ़ विश्वास रखता है—तो क्या उसे कोई हिप्नोटाइज़ कर सकता है?अंतिम भाग: समग्र विश्लेषण, व्यावहारिक जीवन और अंतिम सत्यपूरी चर्चा का सारहमने शुरुआत की थी एक गहरे विचार से—यदि कोई व्यक्ति अपने आत्मविश्वास में विश्वास करता है, अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट है, और उस मार्ग पर भरोसा करता है जो उसे लक्ष्य तक ले जाता है—तो क्या उसे कोई मानसिक रूप से नियंत्रित कर सकता है?अब, मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस, दर्शन और आत्मिक दृष्टिकोण के बाद हम संतुलित उत्तर दे सकते हैं—हाँ — मजबूत विश्वास मानसिक नियंत्रण को कठिन बनाता है।
यदि कोई व्यक्ति अपने आत्मविश्वास, अपने लक्ष्य और अपने मार्ग पर दृढ़ विश्वास रखता है—तो क्या उसे कोई हिप्नोटाइज़ कर सकता है? अंतिम भाग: समग्र विश्लेषण, व्यावहारिक जीवन और अंतिम सत्य पूरी चर्चा का सार हमने शुरुआत की थी एक गहरे विचार से— यदि कोई व्यक्ति अपने आत्मविश्वास में विश्वास करता है, अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट है, और उस मार्ग पर भरोसा करता है जो उसे लक्ष्य तक ले जाता है—तो क्या उसे कोई मानसिक रूप से नियंत्रित कर सकता है? अब, मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस, दर्शन और आत्मिक दृष्टिकोण के बाद हम संतुलित उत्तर दे सकते हैं— हाँ — मजबूत विश्वास मानसिक नियंत्रण को कठिन बनाता है। नहीं — यह मनुष्य को अजेय नहीं बनाता। मानसिक प्रतिरोध कोई जादू नहीं है। यह एक संरचना (Structure) है, जिसे बनाना पड़ता है। मानसिक शक्ति के तीन स्तंभ 1. आत्मविश्वास (Self-Trust) आत्मविश्वास का अर्थ अहंकार नहीं है। यह शांत स्थिरता है। आत्मविश्वास का मतलब है: अपने निर्णयों पर भरोसा आलोचना में न टूटना हर समय स्वीकृति की जरूरत न होना जितना गहरा आत्मविश्वास होगा, उतना कम बाहरी नियंत्रण संभव होगा। 2. लक्ष्य (Ambition)...