राय नहीं, बाजार के व्यवहार को फॉलो करेंबाजार कभी गलत नहीं होता, हमारी सोच गलत हो सकती है।डिस्क्लेमरयह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है।लेखक SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं है।शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।लेखक एक ट्रेडर हो सकता है, विशेषज्ञ नहीं।
अगर निफ्टी 25500 के नीचे बना रहता है, तो 24800 तक गिर सकता है — एक तकनीकी और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण
परिचय
भारतीय शेयर बाजार में निफ्टी 50 केवल फंडामेंटल कारणों से ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण तकनीकी और मनोवैज्ञानिक स्तरों के आधार पर भी चलता है। वर्तमान समय में 25500 ऐसा ही एक अहम स्तर है।
बाजार में यह चर्चा तेज है कि—
👉 यदि निफ्टी 25500 के नीचे बना रहता है, तो 24800 तक गिरावट की संभावना बन सकती है।
इस ब्लॉग में हम समझने की कोशिश करेंगे:
25500 क्यों इतना महत्वपूर्ण है
24800 एक संभावित लक्ष्य क्यों बनता है
तकनीकी संकेतक क्या कह रहे हैं
ट्रेडर और निवेशक इस स्थिति में क्या रणनीति अपनाएँ
निफ्टी के लिए 25500 क्यों है महत्वपूर्ण स्तर
1. मनोवैज्ञानिक रेजिस्टेंस (Psychological Resistance)
25500 एक राउंड फिगर है, जो बाजार में मानसिक बाधा का काम करता है।
जब निफ्टी:
बार-बार 25500 तक जाकर वापस आ जाता है
इस स्तर के ऊपर टिक नहीं पाता
तो यह संकेत देता है कि:
खरीदार कमजोर हो रहे हैं
विक्रेता सक्रिय हो रहे हैं
2. तकनीकी रेजिस्टेंस ज़ोन
तकनीकी दृष्टि से:
25500 पुराने स्विंग हाई के पास है
इस क्षेत्र में संस्थागत बिकवाली देखी गई है
ऑप्शन चेन में 25500 कॉल पर भारी राइटिंग होती है
इसलिए यह स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बन जाता है।
3. नीचे टिके रहना = कमजोरी
बाजार तब गिरता है जब:
खरीदार स्तर बचाने में असफल हो जाते हैं
हर रिकवरी पर फिर से बिकवाली आती है
25500 के नीचे रहना यह दर्शाता है कि बाजार में डिस्ट्रिब्यूशन हो रहा है।
24800 क्यों बनता है संभावित डाउनसाइड लक्ष्य
1. पिछला मजबूत सपोर्ट
24800 पहले:
एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन रहा है
बड़ी तेजी से पहले कंसोलिडेशन का क्षेत्र था
बाजार अक्सर पुराने सपोर्ट को दोबारा टेस्ट करता है।
2. फिबोनाची रिट्रेसमेंट
हालिया हाई से गिरावट में:
24800 महत्वपूर्ण फिबोनाची लेवल के आसपास आता है
यहाँ शॉर्ट कवरिंग और नई खरीद देखी जा सकती है
3. प्राइस मेमोरी और गैप फिलिंग
बाजार की अपनी स्मृति होती है।
जहाँ पहले:
भारी ट्रेडिंग हुई हो
प्राइस गैप बने हों
वहाँ बाजार वापस जाने की कोशिश करता है।
मार्केट सेंटिमेंट की भूमिका
1. उम्मीद बनाम डर
25500 के ऊपर → उम्मीद
25500 के नीचे → धीरे-धीरे डर
डर बढ़ने पर:
लॉन्ग पोजीशन कट होती हैं
स्टॉपलॉस हिट होते हैं
गिरावट तेज होती है
2. रिटेल ट्रेडर की मनोवृत्ति
अक्सर रिटेल ट्रेडर:
टॉप के पास खरीद लेते हैं
ब्रेकडाउन के बाद घबराकर बेच देते हैं
इससे गिरावट 24800 तक तेज हो सकती है।
तकनीकी संकेतक क्या इशारा कर रहे हैं
1. मूविंग एवरेज
यदि:
प्राइस शॉर्ट-टर्म EMA के नीचे है
20 EMA, 50 EMA के नीचे आ जाए
तो शॉर्ट-टर्म में मंदी की पुष्टि होती है।
2. RSI (Relative Strength Index)
RSI का 50 के नीचे जाना कमजोरी दिखाता है
40–35 तक जाना करेक्शन को गहरा कर सकता है
3. वॉल्यूम एनालिसिस
लाल कैंडल पर अधिक वॉल्यूम
हरी कैंडल पर कम वॉल्यूम
यह डिस्ट्रिब्यूशन का संकेत है।
डेरिवेटिव मार्केट क्या बता रहा है
1. ऑप्शन चेन एनालिसिस
अगर:
25500 कॉल पर भारी राइटिंग है
24800 के आसपास पुट राइटिंग दिखे
तो इसका मतलब:
ऊपर की दिशा सीमित है
नीचे की दिशा 24800 तक खुली है
2. पुट-कॉल रेशियो (PCR)
PCR में गिरावट:
मंदी की भावना बढ़ने का संकेत
कॉल डॉमिनेंस दर्शाती है
अगर 24800 भी टूट जाए तो?
बाजार भविष्यवाणी नहीं, संभावना पर चलता है।
24800 टिके तो → उछाल संभव
24800 टूटे तो → 24500 या 24200 दिख सकता है
लेकिन यह विश्लेषण संभावना आधारित है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
ट्रेडर्स के लिए रणनीति
1. भावनाओं से नहीं, स्तरों से ट्रेड करें
डर
सोशल मीडिया
व्हाट्सऐप टिप्स
इनसे दूर रहें।
2. रिस्क मैनेजमेंट सबसे जरूरी
स्टॉपलॉस अनिवार्य रखें
ओवरट्रेडिंग न करें
पूंजी बचाना ही असली जीत है
3. इंट्राडे बनाम पोजीशनल
इंट्राडे ट्रेडर वोलैटिलिटी का लाभ उठा सकते हैं
पोजीशनल ट्रेडर कन्फर्मेशन का इंतजार करें
लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए संदेश
घबराने की जरूरत नहीं है।
करेक्शन:
स्वाभाविक है
सेहतमंद है
नए अवसर देता है
अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
निष्कर्ष
👉 25500 एक मजबूत रेजिस्टेंस है
👉 इसके नीचे रहने से तेजी कमजोर होती है
👉 24800 एक तार्किक डाउनसाइड लक्ष्य है
👉 राय नहीं, बाजार के व्यवहार को फॉलो करें
बाजार कभी गलत नहीं होता, हमारी सोच गलत हो सकती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है।
लेखक SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं है।
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।
किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
लेखक एक ट्रेडर हो सकता है, विशेषज्ञ नहीं।
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